Is Lenskart listed in the stock market?

Is Lenskart listed in the stock market?

Is Lenskart listed in the stock market?

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Lenskart वो कंपनी जिसने भारत में चश्मे को फैशन बना दिया जिसका IPO पिछले एक साल से खूब चर्चा में बना हुआ है। निवेशकों को उम्मीद थी कि लिस्टिंग के दिन यह शेयर धमाका करेगा। लेकिन 10 नवंबर को जब Lenskart आखिरकार मार्केट में उतरा तो तालियों की जगह सन्नाटा था। ₹402 के इशू प्राइस के मुकाबले शेयर सिर्फ ₹390 पर लिस्ट हुआ। यानी 3% का सीधा-सीधा घाटा। एक वक्त था जब इसे भारत की अगली बड़ी कंज्यूमर टेक सक्सेस कहा जा रहा था। लेकिन लिस्टिंग के दिन बाजार की चमक कहीं गुम हो गई। ग्रे मार्केट प्रीमियम जो ₹108 तक पहुंच गया

था। लिस्टिंग से पहले ही शून्य हो गया जीरो। यानी निवेशकों का भरोसा तो टूट चुका था। तो आखिर ऐसा हुआ क्या कि हाइप से भरा यह IPO अचानक ठंडा पड़ गया। चलिए समझते हैं वो तीन बड़े कारण जिन्होंने Lenskart की सपनों वाली लिस्टिंग को निवेशकों के लिए निराशा में बदल दिया। नमस्कार आप देख रहे हैं UsaFfiesta मैं हूं आपके साथ Sweta । देखिए Lenskart का IPO पिछले कई हफ्तों से बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ था। निवेशकों की उम्मीदें ऊंची थी कि भारत का यह प्रमुख यानी कि बहुत ही पॉपुलर आईवे ब्रांड लिस्टिंग पर शानदार रिटर्न

देगा। लेकिन जब कंपनी ने स्टॉक मार्केट में कदम रखा तो तस्वीर कुछ और ही निकल गई। Lenskarit के शेयर बीएसई पर ₹390 और एनएससी पर ₹395 पर लिस्ट हुए। यानी इशू प्राइस ₹402 से लगभग 3% की छूट पर। ₹70,000 करोड़ के वैल्यू्यूएशन वाली इस कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम जो शुरू में ₹108 तक था, लिस्टिंग से पहले शून्य पर आ गया। यह इशारा था कि बाजार का एक्साइटमेंट अब ठंडा पड़ चुका है। अब सवाल बड़ा यह कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि हाइप से भरा यह IPO हिचकिचाहट में बदल गया। देखिए इसके पीछे एक्सपर्ट्स तीन बड़े कारण सामने ला रहे हैं। पहला कारण है अत्याधिक

वैल्यू्यूएशन। Lenskart का प्राइस बैंड ₹402 के ऊपरी स्तर पर तय हुआ था। जिससे इसका वैल्यू्यूएशन 10.1 गुना और वित्त वर्ष 2025 की ईवी सेल्स और करीब 69 गुना एपtा पर पहुंच गया। यह आंकड़े titan ट्रेंट और nकाa जैसी स्थापित कंपनियों से भी कहीं ऊपर थे। SBI सिक्योरिटीज ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वैल्यू्यूएशन खचा हुआ है इसलिए लिस्टिंग गेन सीमित रह सकता है। हालांकि उन्होंने लॉन्ग टर्म के लिए कंपनी को पॉजिटिव माना लेकिन शॉर्ट टर्म उम्मीदें बहुत ऊंची थी। वहीं एम्बिट कैपिटल ने इसे सेल रेटिंग दी और ₹337 का टारगेट प्राइस तय कर दिया। यानी लगभग 16%

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डाउन साइड। उनका तर्क था कि कंपनी को अगले 3 सालों में करीब ₹20,000 करोड़ के निवेश की जरूरत होगी। जिससे कैश फ्लो पर दबाव बनेगा और रिटर्न ऑन कैपिटल सिर्फ 9 से 13% के बीच रह जाएगा। जबकि ट्रेंट और nyka जैसी कंपनियां 35 से 40% देती है। यानी ग्रोथ की कहानी तो है लेकिन दाम पहले से ही बहुत ज्यादा महंगा हो गया है। यह तो था पहला कारण। अब बढ़ते हैं दूसरे कारण की तरफ जो है मुनाफे की हकीकत बताता हुआ कारण। देखिए Lenskart ने वित्त वर्ष 2025 में ₹6,653 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹297 करोड़ का मुनाफा दिखाया। लेकिन इसमें से ₹167 करोड़ एक बार

मिलने वाला गेन था जो ओन डेज अधिग्रहण से जुड़ा हुआ था। असली ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 130 करोड़ ही रहा। यानी 1.9% का मामूली मार्जिन। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कंपनी ने 55.6 करोड़ का प्रॉफिट मार्जिन दिखाया जो थोड़ा बेहतर जरूर है लेकिन इतनी ऊंची वैल्यू्यूएशन वाली कंपनी के लिए यह स्तर अभी भी बहुत कम माना गया। एनालिस्ट का कहना है कि लेंस कार्ड की रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत है पर मुनाफे की स्थिरता अभी दूर है। अब एक बार गेन पर निर्भर रहना निवेशकों को थोड़ा असहज कर रहा था। अब बढ़ते हैं तीसरे कारण की तरफ

और वो है बाजार के इमोशंस, बाजार के सेंटीमेंट्स और थकान। लिस्टिंग का टाइमिंग भी कंपनी के खिलाफ चला गया। हाल के महीनों में निवेशक नए युग की कंपनियों के महंगे IPO से सतर्क हो गए हैं। Lenskart को 28 गुना ओवर सब्सक्रिप्शन जरूर मिला लेकिन लिस्टिंग डे तक बाजार का मूड ठंडा पड़ चुका था। उच्च वैल्यू्यूएशन यानी हाई वैल्यू्यूएशंस और कमजोर सेंटीमेंट ने मिलकर इस डेब्यू को फीका बना दिया। जैसा कि एक्सपर्ट्स कह रहे हैं Lenskart ने शानदार ब्रांड बनाया। लेकिन मार्केट ने उससे चमत्कार की उम्मीद की थी। अब जब आप परफेक्शन की कीमत लगा देते हैं तो छोटी

कमी भी निराशा बन जाती है और यहां भी Lenskart के साथ यही हुआ। फिर भी लेंस कार्ड की बुनियाद मजबूत नजर आ रही है। यह भारत का सबसे बड़ा आईवेयर रिटेलर है और एशिया के टॉप टू ब्रांड्स में शामिल है। कंपनी का चेक ड्रिवन मॉडल, अंतरराष्ट्रीय एक्सपेंशन और मजबूत ब्रांड रिकॉल इसे लंबे समय में बेहतर पोजीशन दे सकता है। अगली कुछ तिमाहिया यह तय करेंगी कि यह सिर्फ एक ठोकर थी या एक धीमी लेकिन मजबूत शुरुआत थी। Lenskart के लिए अभी आगे क्या कुछ स्टॉक बाजार में है यह सब कुछ आने वाले समय में देखेंगे आप भी और हम भी और

निवेशकों के लिए Lenskart का दाम अब कैसा बैठता है यह भी आगे चलके समझ में आएगा लेकिन आपको यह बता दें कि हमने यह पूरी जानकारी आपके सामने आंकड़ों के तौर पर और जो भी रिपोर्ट सामने आ रही है उसके तौर पर महज इस post को आपकी जानकारी के लिए बनाया है। अगर आपको बाजार में कहीं भी निवेश करना है, अपने फाइनशियल एडवाइजर की राय लेना बिल्कुल मत भूलिएगा।

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December IPOs 2025

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usafiesta IPO की बात करते हैं। दिसंबर महीने में IPO का बाजार गुलजार रहने वाला है। क्योंकि प्राइमरी मार्केट में अगले महीने कई बड़ी कंपनियों के एंट्री होगी। कहां रहेगा फोकस?। इनफैक्ट ये पूरा साल अगर आप देखें तो प्राइमरी मार्केट्स के लिए काफी शानदार देखने को मिला था। और इस साल का आखिरी महीना बिल्कुल दमदार देखने को मिलेगा। 30,000 करोड़ से ज्यादा की जो कंपनीज़ हैं, यह दिसंबर में लाइन अप है। बड़े IPO यहां पर आपको देखने को मिल सकते

हैं। और पिछला साल भी आप याद करके देखें, तो ऑलमोस्ट तकरीबन 15 कंपनी ने 25,400 करोड़ के आसपास जो है रेज किए थे। लेकिन जैसा कि मैं आपको बता रहा था कि पूरा साल काफी ज्यादा एक्टिव आपको देखने को मिला। नंबर ऑफ IPO’s के लिहाज से अगर आप देखें तो जनवरी से लेके आप नवंबर अब तक का डाटा आप देखें।

जैसे जनवरी में छह IPO थे। फब में तीन आए थे। लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे मोमेंटम बढ़ता चला गया। जून में आठ, मई में छ, जुलाई में 13 सबसे ज्यादा हाईएस्ट IPO आपको देखने को मिले। सितंबर के महीने में जिसमें 25 IPO आए थे और

अक्टूबर के महीने में भी देखें तो तकरीबन 10 IPO यहां पर मेन बोर्ड के नजर आए। तो काफी ज्यादा एक्टिव रहे प्राइमरी मार्केट्स के एक्शन के लिहाज से। लेकिन अब बड़ी बात यही है कि कौन सी वो कंपनीज़ हैं जहां पर बस बनता हुआ नजर आएगा। तो सबसे पहले अगर आप देखें तो बड़ा इशू आ रहा है ICICI PRU AMC का जिसमें तकरीबन 10,000 करोड़ की जो है इशू साइज बताई जा रही है। Meesho ये भी ई-कॉमर्स कंपनी है। बड़ा Buzz है यहां पर 6000 करोड़ के आसपास Clean Max है 5200 करोड़ Fractal Analytics 4900 करोड़ है। Milky Mist है 2035 करोड़ Corona Remedies 800 करोड़ Aequs 720 करोड़ और साथ में अगर आप देखें तो Skyways Air 600 करोड़

कुछ और छोटे आईपीओस हैं जो लाइन अप है। लेकिन फिलहाल के लिए अगर आप देखें तो जो साल का आखिरी महीना है यह भी प्राइमरी मार्केट्स के लिए एक्शन पैक्ड रहेगा।

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